आप जो खाते हैं वैसे ही बन जाते हैं।

क्या खाना सभी के लिए उपलब्ध है?

लेख़िका: विषवथी

अनुवाद: साएंस क्रक्स(Science Crux)

अध्ययनों के अनुसार, भोजन स्वास्थ्य का केंद्र है – यदि दैनिक सेवन में पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व पर्याप्त नहीं हैं, तो कई मामलों में पोषण, प्रतिरक्षा, संक्रमण का एक ज्ञात दुष्चक्र पैदा होता है।

एस वी विश्वाती द्वारा

Photo by Madison Inouye on Pexels.com

हमारा स्वास्थ्य आज की दुनिया में एक बड़ी चिंता है। एक स्वस्थ व्यक्ति वह है जिसका शारीरिक विज्ञान सिद्धांतों के अनुसार काम करे। जैसा कि शब्द “स्वास्थ्य” पुरानी अंग्रेजी से प्राप्त “अवस्था और संपूर्ण होने की परिस्थिति” को दर्शाता है।

1945 में, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्वास्थ्य को परिभाषित किया:

“पूर्ण, शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण की स्थिति और न केवल बीमारियों या दुर्बलता की अनुपस्थिति” यह मानसिक (भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक कल्याण), शारीरिक (संतुलित आहार और स्वच्छता) और सामाजिक कल्याण (एक सकारात्मक वातावरण) पर जोर देती है।

एक स्वस्थ व्यक्ति को बीमारियों से मुक्त भी कहा जाता है। रोग की स्थिति शरीर में असुविधा के संकेत, लक्षण या किसी भी असामान्यता की स्थिति है। संकेत दूसरों द्वारा सबूत के रूप में देखे जा सकते हैं, जैसे कि उल्टी आना। लक्षण केवल रोगियों को प्रतीत होते हैं, जैसे दर्द या थकान।

रोगों को मोटे तौर पर संक्रामक और गैर संक्रामक में वर्गीकृत किया जाता है। संक्रामक रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सामान्य ज़ुकाम की तरह आसानी से फैल जाते हैं। गैर संक्रामक रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलते। उदाहरण के लिए कैंसर, सदमा और तनाव।

Photo by cottonbro on Pexels.com

स्वास्थ्य पर भोजन का प्रभाव

कोशिकाओं को ‘जीवन का निर्माण खंड’ कहा जाता है, जो सभी जीवित जीवों की मूलभूत इकाई है। कोशिकाएं संरचना प्रदान करती हैं, शारीरिक विकास, प्रजनन और सभी चयापचय (मेटाबोलिक) प्रक्रियाओं में मदद करती हैं। इन कार्यों को करने के लिए, कोशिकाओं को ऊर्जा की आवश्यकता होती है जिसे यह सूर्य के प्रकाश (विटामिन डी) और भोजन में पोषक तत्वों से लेती हैं। हम जो भोजन करते हैं उसका उपयोग कोशिकाओं द्वारा किया जाता है। भोजन एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जो शरीर के लिए सभी पोषण प्रदान करता है।

भोजन के पोषक तत्व हमारे शरीर के अच्छी तरह से कार्य करने के लिए आवश्यक है। यह प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बढ़ाता है, जिस से हमारा शरीर खुद को जीवाणुओं, विषाणुओं और ऐसे पदार्थों से बचाता है जो विदेशी और हानिकारक दिखाई देते हैं। यदि हम सही खाना नहीं खाते हैं, तो हमारी आंतरिक प्रक्रियाएं प्रभावित होती हैं और हमारे स्वास्थ्य में गिरावट आती है। जैसा कि स्वास्थ्य को समग्र कल्याण कहा जाता है, भोजन स्वास्थ्य के लिए केंद्र के रूप में कार्य करता है।

Photo by Ella Olsson on Pexels.com

“या तो भोजन को दवा बना लो या दवा को भोजन”

जब किसी व्यक्ति के सेवन में पोषक तत्वों का असंतुलन होता है, तो यह कुपोषण का कारण बनता है। यह स्थिति सभी सामाजिक – आर्थिक समूहों में समाविष्ट करती है। कुपोषण एक विश्वसंबंधी समस्या है और एक गंभीर स्थिति है। इसमें 2 व्यापक समूह होते हैं।

अल्पपोषण: इसमें वेस्टिंग (ऊंचाई के मुताबिक कम वजन), स्टंटिंग (उम्र के मुताबिक कम ऊंचाई), कम वजन (उम्र के मुताबिक कम वजन) और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी (महत्वपूर्ण विटामिन और खनिजों की कमी) शामिल है।

अधिक पोषण: एक विशेष पोषक तत्व की बहुतायत, जैसे कि मोटापा और आहार संबंधी गैर संचारी रोग (स्ट्रोक, कैंसर)

कुपोषण के कारण दुनिया भर में लाखों लोग पीड़ित हैं और मरते हैं।

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) 2020 संस्करण का संयुक्त अनुमान (2000 और 2019) दर्शाता है कि स्टंटिंग में गिरावट आई है। 2019 में 5 साल से कम उम्र के 14.4 करोड़ बच्चे छोटे कद के थे और 4.7 करोड़ ऊंचाई के मुताबिक कम वजन के थे। अधिक वजन वालों की संख्या स्थिर है।यह लंबे समय से ज्ञात है कि पोषण, प्रतिरक्षा और संक्रमण जटिल रूप से एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। इस महामारी ने उस प्रभाव को दिखाया है।

कोविड-19 एक अनोखा विषाणु है, जिसने कई तरीकों से सभी के जीवन को हिला दिया है। यह कम प्रतिरक्षा वाले लोगों को प्रभावित करता है, अर्थात् जो रोगों का प्रतिरोध करने की कम क्षमता रखते हैं। इस महामारी के कारण भी कुपोषण में वृद्धि हुई है। महामारी से पहले यह अनुमान लगाया गया था कि 69 करोड़ लोग कुपोषित थे। विश्व खाद्य कार्यक्रम ने कहा कि यह संख्या 2020 तक132 करोड़ तक बढ़ सकती है।

स्वस्थ भोजन का यह महत्व है कि यह अच्छे पोषण का सार है, यह कई गैर-संचारी रोगों से बचाता है।भोजन एक दवा के रूप में कार्य करता है – रोगों को रोकने और उनका इलाज करने के लिए।

भोजन वास्तव में सभी के लिए उपलब्ध नहीं है। क्या खाद्य पदार्थ पर्याप्त नहीं हैं?

Photo by Dazzle Jam on Pexels.com

दुनिया भर में, पर्याप्त भोजन का उत्पादन किया जा रहा है। वास्तव में यह बहुतायत में है। नौ में से एक इंसान को अभी भी पर्याप्त भोजन नहीं मिलता है, जो कुपोषण को बढ़ावा दे रहा है।संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) ने 2011 में स्वीडिश इंस्टीट्यूट फॉर फूड एंड बायोटेक्नोलॉजी के साथ मिलकर, जनता को खाद्य बर्बादी के बारे में जागरूकता को प्रज्वलित करने के लिए एक रिपोर्ट दी।रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि वैश्विक स्तर पर उत्पादित एक तिहाई भोजन (130 करोड़ टन) कभी नहीं खाया जाता है।

आप पूछ सकते हैं, क्यों? यह केवल प्रबंधन, भंडारण, परिवहन और कटाई की समस्याओं के कारण जो कि व्यक्तिगत या सामुदायिक दोनों रूप से है।

Published by sciencenextdoorblog

We are a group of science enthusiasts from all over India. Apart from working for bread and butter, you will find us working passionately in the field of science popularisation. We at "SCIENCE NEXT DOOR" will make you dive in an ocean of facts,drench you in light of logic, greet you with events and entertain you with understanding. Welcome abord!

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

Create your website with WordPress.com
Get started
%d bloggers like this: